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रक्षा बल हर समय रहें हाई अलर्ट, साइबर सुरक्षा और ड्रोन खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ाएं : राजनाथ सिंह

बागडोगरा एयरफोर्स स्टेशन पर वायुसेना कर्मियों से की मुलाकात, अग्निवीरों के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को बताया दीपावली का खास उपहार

नई दिल्ली, 07 नवंबर 2026। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बलों को उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय सर्वोच्च स्तर की परिचालन तैयारी बनाए रखने का आह्वान किया है। उन्होंने क्षेत्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, साइबर हमलों से निपटने की क्षमता विकसित करने और सूचनाओं की विश्वसनीयता एवं अखंडता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

रक्षा मंत्री शनिवार को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा वायुसेना स्टेशन पर दीपावली की पूर्व संध्या पर भारतीय वायुसेना के जवानों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गया है। अब युद्ध केवल सीमाओं पर पारंपरिक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर हमले, ड्रोन के झुंड, छद्म युद्ध, असममित युद्ध और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली भ्रामक सूचनाएं भी बड़ी चुनौती बन गई हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि विरोधी अक्सर सीधे टकराव से बचते हुए देश की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया के जरिए गलत सूचनाएं फैलाकर स्थानीय लोगों और सैनिकों के बीच संदेह पैदा किया जा सकता है। ऐसी परिस्थितियों में सैनिकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा में वायु योद्धाओं की अहम भूमिका

रक्षा मंत्री ने बागडोगरा वायुसेना स्टेशन को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां तैनात वायु योद्धा देश के पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा में मजबूत रक्षा कवच की भूमिका निभा रहे हैं। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए उनकी सतर्कता और परिचालन तैयारी बेहद जरूरी है।

उन्होंने जवानों के अनुशासन, साहस और समर्पण की सराहना करते हुए स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सैनिकों का व्यवहार, भाषा और आचरण स्थानीय लोगों के बीच सशस्त्र बलों की छवि को मजबूत बनाता है। जनता और रक्षा बलों के बीच विश्वास का रिश्ता जितना मजबूत होगा, विरोधियों के षड्यंत्र उतने ही कमजोर होंगे।

ड्रोन और साइबर सुरक्षा में स्वदेशी तकनीक पर जोर

राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ड्रोन, ड्रोन-रोधी प्रणालियों और आधुनिक सैन्य उपकरणों के विकास में भारतीय स्टार्टअप और रक्षा उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने रक्षा बलों को नई तकनीकों को अपनाने तथा ड्रोन संचालन और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में नए कौशल विकसित करने की आवश्यकता बताई।

अग्निवीरों को मिलेगा दोबारा देश सेवा का अवसर

रक्षा मंत्री ने अग्निवीरों के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ व्यवस्था को कैबिनेट की मंजूरी मिलने का उल्लेख करते हुए इसे दीपावली का विशेष उपहार बताया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने के बाद इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा कर नियमित सैनिक के रूप में फिर से देश की सेवा करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय रक्षा बलों के जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

वायुसेना कर्मियों और उनके परिवारों को दी दीपावली की शुभकामनाएं

रक्षा मंत्री ने वायुसेना के जवानों और उनके परिवारों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे जवानों का योगदान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने सैनिकों के परिवारों के त्याग और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित, बागडोगरा वायुसेना स्टेशन के एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर कमोडोर मनीष शर्मा सहित भारतीय वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।